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जब हिमालय मेरे लिए, मॉडलिंग कर रहा था.


भाग : 11

यूँ तो हिमालय की खूबसूरती रिकोंगपिओ से ही नजर हटने नहीं देती पर जैसे जैसे हम काजा की तरफ बढ़ते है हिमालय का आकर, कई सुंदर रूपों में बदलता जाता है। खासकर नाको के बाद, पहाड़ एक जैसा नहीं रहता। कभी आप घाटी में होते है तो कभी पहाड़ों की ऊंचाई पे। कभी पहाड़ बर्फों से ढ़का होता है तो कभी अपने शुष्क रूप में। ताबा के बाद तो मौषम का रुख और सुहावना हो जाता है। नीला आसमान, स्लेटी कलर का पहाड़ और नीचे नदी के बगल से होकर गुजरते हम। सबकुछ मिलकर एक ऐसा सिनेमैटिक दृश्य बनता है जिसे आप कैमरे में कैद कर लेने को उतावला हो उठते है। कई दफ़े मन होता है कि बस से उतर जाए और नदी किनारे जाकर बैठ जाए। या सबकुछ शूट कर ले।
Photo #ACP

खासकर जब मैं चांगो से काज़ा की ओर निकला तो दृश्य बेहद सुंदर व आकर्षक थे। ऐसा लग रहा था जैसे सारी प्रकृति उकसा रही हो कि आप उन्हें अपनी आंखों में कैद कर लो।
शुरुआती द्वंद के बाद मैं इस बात को लेकर क्लियर हो गया कि मैं यहाँ ज्यादा फ़ोटो वोटो लूंगा। जो सहजता से क्लिक हो जाएगा, वही काफी है। और शायद इसी वजह से काज़ा पहुंचने तक मैंने कहीं भी कैमरे का यूज़ नहीं किया। जो भी क्लिक हो सका वो मोबाइल से ही हुए।
काज़ा के बाद सफर पर विराम लगा और उसके बाद ज्यादातर वक्त हिमालय की घाटी में बिताने को मिला फिर इस दौरान प्रयाप्त समय था और कैमरे का खूब यूज़ हुआ।

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