मैं सो जाना चाहता हूं
अपनी बची हुई उम्र भर के लिए
ताउम्र के लिए।
ऐसी नींद में
जो कभी न खुले फिर
सूरज के किसी किरण को देखने के लिए।
मुझे वो नींद सौप दो
माँ।
जो मुक्ति हो इस अंधेरे के बाद कि उजाले से
मुझे वो नींद दो मां।
अपनी आँचल में सूला लो मुझे
फिर कभी न जगने के लिए
मुझे नींद दो माँ
मुझे नींद दो
ताउम्र के लिए।
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